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रोहतांग दर्रा , मनाली........ |
शीत ऋतू
मौसम ने ली अंगड़ाई,
देखो जाड़े की ऋतु हैं आई |
सर्दी का अजब हैं खेल ,
चारों ओर बर्फ का ढेर |
हरा छोड़ पहना रंग सफ़ेद |
मौसम को यह सुन्दर इशारा,
कितना प्यारा लगता हैं यह नजारा |
मौसम ने ली अंगड़ाई,
देखो जाड़े की ऋतु हैं आई |
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nice
ReplyDeleteThanks
Deleteआपकी रचना पढ़कर सर्दी की कल्पना होने लगी है!
ReplyDeleteआज चार दिनों बाद नेट पर आना हुआ है। अतः केवल उऊपस्थिति ही दर्ज करा रहा हूँ!
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ओह! यहाँ तो शब्दपुष्टीकरण भी करना होगा। बस यही काम मेरे लिए कष्टदायी होता है।
आप शब्दपुष्टीकरण हटा दीजिए न!
धन्यवाद सर जी....
Deleteमुझे पता नहीं था की यहाँ पर शब्द्पुष्टिकरण लगा हुआ हैं, आपके कहे अनुसार मैंने अब उसके हटा दिया हैं.....इस ओर ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद !
इन पंक्तियों ने दिल छू लिया... बहुत सुंदर ....रचना....
ReplyDeleteधनयवाद संजय भास्कर जी.....
DeleteBEAUTIFUL LINES WITH GREAT FEELINGS
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