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Wednesday, January 6, 2016

ये जिन्दगी.....

  ये जिन्दगी ......

बेखबर ,बेसबर, बेबाक ये जिन्दगी 
हंसती ना हंसाती ये जिन्दगी
चिराग नही जिसे जला दूं,
दुबारा हाथो से फिसल जाती ये जिन्दगी

Tuesday, July 28, 2015

एक शुरुआत , एक आशा

 


एक शुरुआत नई जिंदगी के जीवन की,

एक शुरुआत नये भविष्य के उज्जवलता की ।

Friday, October 4, 2013

सिलसिला .....



सिलसिला  वफाओ का एक नया ही चलाया मैंने...


सिलसिला  वफाओ का एक नया ही चलाया मैंने ,

न उसे याद ही रखा न ही भुलाया मैंने,

हंसी उतार कर चेहरे से फ़ेंक दी लेकिन , 

फिकर-ए-यार मैं कोई अश्क नहीं  बहाया मैंने ,

Saturday, June 1, 2013

दोस्ती.....




 जिंदगी जीना इसी का नाम हैं 

हँसते हुए बीते वोही एक सुहानी शाम हैं,

यही तो हैं हसीन जिंदगी ,

और दोस्ती इसी का नाम है |

Thursday, November 22, 2012

अभी तो बाकी हैं


अभी  तो बाकी हैं

एक रात और जाने को हैं, 
अभी तो एक नई सुबह का इंतजार बाकी हैं ।
 
चांदनी धरती पर पड़ चुकी, 
अभी तो सूरज की किरण का स्पर्श बाकी हैं ।


Thursday, September 27, 2012

ठोकर




ठोकर 

राह में आये रोड़े से ठोकर खाकर गिर गए,

किसी ने उफ़ तक न की और हँसते हुए चल दिए |


Saturday, May 12, 2012

वो पल अक्सर याद आते हैं


रोहतांग घाटी



यादें
 
वो पल अक्सर याद आते हैं,

एक प्यारा अहसास दिला जाते हैं ।

सफ़ेद बर्फ से पटी पहाड़ियाँ, 

वो बर्फीली सुन्दर घाटियाँ ।