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Wednesday, January 6, 2016

ये जिन्दगी.....

  ये जिन्दगी ......

बेखबर ,बेसबर, बेबाक ये जिन्दगी 
हंसती ना हंसाती ये जिन्दगी
चिराग नही जिसे जला दूं,
दुबारा हाथो से फिसल जाती ये जिन्दगी

Tuesday, July 28, 2015

एक शुरुआत , एक आशा

 


एक शुरुआत नई जिंदगी के जीवन की,

एक शुरुआत नये भविष्य के उज्जवलता की ।

Friday, October 4, 2013

सिलसिला .....



सिलसिला  वफाओ का एक नया ही चलाया मैंने...


सिलसिला  वफाओ का एक नया ही चलाया मैंने ,

न उसे याद ही रखा न ही भुलाया मैंने,

हंसी उतार कर चेहरे से फ़ेंक दी लेकिन , 

फिकर-ए-यार मैं कोई अश्क नहीं  बहाया मैंने ,

Saturday, June 1, 2013

दोस्ती.....




 जिंदगी जीना इसी का नाम हैं 

हँसते हुए बीते वोही एक सुहानी शाम हैं,

यही तो हैं हसीन जिंदगी ,

और दोस्ती इसी का नाम है |